अतिक्रमण की जद में आई दुकानों को टूटने से बचाने के लिए किरायेदारों ने किया जमकर हंगामा।

जब अतिक्रमण की जद में बनी हुई दुकानों पर बुलडोजर गरजने की बारी आई तो उन दुकानों में वर्षों से जमे हुए किरायेदारों ने जमकर हंगामा किया इस हंगामे की खबर जब पुलिस को हुई तो बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और बाद में पुलिस ने इनको समझा कर शांत किया।

फर्रुखाबाद :

वर्षों से जमे किरायेदारों से दुकानें खाली करवाना अतिक्रमण विरोधी अभियान ने आसान कर दिया है। दुकान मालिक यह मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते। इसी को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। किरायेदारों ने सभासद पति पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने यथास्थिति बनाए रखने की हिदायत देकर मामला शांत कर दिया। फिलहाल मामला शांत है लेकिन देखना है कि जब बाबाजी का बुलडोजर चलेगा तो उस समय किराएदार क्या करेंगे क्योंकि जो दुकाने अतिक्रमण की जमीन पर बनाई गई हैं उनको आज नहीं कल जमीन दोज तो होना ही है।

आपको बता दें कि कादरीगेट-नाला मछरट्टा मार्ग पर मोहल्ला छावनी स्थित शंकर व राधारमण मंदिर की कुछ दुकानें मुख्य मार्ग पर हैं, जिनमें किरायेदार काबिज हैं। अतिक्रमण विरोधी अभियान में यह दुकानें भी चिह्नित हो गईं। किरायेदार दुकानें खाली कर गए, लेकिन टूटने से बचने की उम्मीद में ताले लगाए हैं। प्रशासनिक जुर्माने से बचने के लिए मंदिर के ट्रस्टी सभासद पति अशोक वर्मा आदि ने मजदूरों को बुलाकर शटर उतरवाने का प्रयास किया। वह दुकानें तुड़वाना चाहते थे, इसी दौरान किरायेदार कमल वर्मा, उनके भाई शैलेंद्र, किरायेदार रमाकांत कुशवाहा आदि स्वजन के साथ पहुंच गए। उन्होंने ताले तुड़वाने का विरोध किया। इसी पर हंगामा हो गया। दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। इस दौरान विवाद के वीडियो वायरल हो गए। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने हिदायत दी कि कोई भी पक्ष तोड़फोड़ नहीं करेगा, यथास्थिति बनाए रखें। किरायेदारों ने पुलिस को प्रार्थनापत्र भी दिया। कमल वर्मा व रमाकांत ने आरोप लगाया कि दुकानों के पीछे सभासद पति के भाई का गेस्ट हाउस है। दुकानें तुड़वाकर वह गेस्ट हाउस को आगे लाना चाहते हैं। अशोक वर्मा ने बताया कि वह मंदिर के ट्रस्टी हैं। अधिक नुकसान न हो इस कारण उन्होंने स्वयं अतिक्रमण हटवाने का प्रयास किया था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है लेकिन अब  इन दुकानों को तोड़ने का कार्य बुलडोजर ही करेगा ऐसा लोगों और टेस्टी का मानना है।