वन महोत्सव सप्ताह,तीसरा दिन  आज अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक मुक्त दिवस भी

वन महोत्सव सप्ताह,तीसरा दिन

आज अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक मुक्त दिवस भी

जब वनों की होगी रखवाली

तभी पृथ्वी पर होगी हरियाली

प्लास्टिक प्रदूषण, मानव निर्मित वैश्विक तबाही

समाधान विकास समिति तथा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ तत्वाधान में मना रहे वन महोत्सव सप्ताह के तीसरे दिन आज स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, गीतांजलि आयुषी और शिवानी ने आकर्षक प्रस्तुतियां दी | संदर्भ व्यक्ति लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि आज अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक मुक्त दिवस दिया है जिसकी थीम है गैर जैव अपघटनीय पदार्थ के उपयोग से पर्यावरण को होने वाले बढ़ते नुकसान के बारे में जागरूकता बढ़ाना | आर्य कन्या इंटर कॉलेज की कला प्रवक्ता गुंजन, वह अंगूरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज की दीक्षा बाजपेई ने बताया कि महोत्सव मनाने की आवश्यकता है इसलिए पड़ी थी आर्थिक विकास की दौड़ में हम वनों को भूलते जा रहे हैं| बड़े-बड़े शहर,हाईवे,यातायात फैक्ट्रियां आदि बनाने की चाहत में वनों को ही समाप्त करते जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में पशु पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं |एक समय था जब सुबह की शुरुआत पक्षियों की चहचहाहट से होती थी, छत के आंगन में गौरैया दाना चुनने आया करती थी, लेकिन आज उन आवाजों की जगह ट्रैफिक के शोर-शराबा ने ले ली है |पेड़ों की कटाई के कारण बड़ी संख्या में पशु पक्षी,कीट पतंगे बेघर हो गए हैं अनेक पशु पक्षी विलुप्त हो रहे हैं| इस विसंगति को दूर करने के लिए ही वन महोत्सव मनाया जाता है| डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि महात्मा गांधी ने कहा कि प्रकृति हमारी आवश्यकता तो पूरी कर सकती है किंतु लालच को पूरा नहीं कर सकती |हमें प्रकृति अपनी आवश्यकता भर लेना चाहिए | प्लास्टिक प्रदूषण मानव निर्मित वैश्विक तबाही है जो पर्यावरण जैव विविधता के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है हमें प्लास्टिक बैग मुक्त वातावरण हेतु संकल्प लेना होगा |कार्यक्रम से वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त समाज हेतु समाधान विकास समिति,डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रयासों को गति मिल रही है |

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