[ad_1]

फर्रुखाबाद। कोविड काल के दौरान मानव जीवन की सुरक्षा में सबसे ज्यादा आयुर्वेद कारगर सिद्ध हुआ। लोगों का विश्वास आयुर्वेद की ओर बढ़ा। कौन से रोग में कौन सी औषधि कारगर होगी इसकी जानकारी वक्ताओं ने दी। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

सेमिनार के समापन पर डाॅ. जीन-पियरै कैटलानो ने आयुर्वेद की ताकत का एहसास कराया। कौन सी बीमारी पर कौन सी औषधि देने से रोगी मनुष्य को रोग से मुक्ति मिल सकती है आदि जानकारी साझा की। शिशिर ने पंचकर्मा आदि बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ता डाॅ. कैरिन गुंथोर ने कई गंभीर रोगों व उनके उपचार के बारे में बताया।

डाॅ. देवाशिश बिस्वाल, डॉ. आर अचल पुलाओनी, डाॅ. तन्मय गोस्वामी, डाॅ. शिवओम दीक्षित, डाॅ. निरंजन एस, प्रो. अमाडियो बियानची बियान्च आदि को मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डाॅ. जितेंद्र यादव ने शाल उढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

स्नेहकल्पम पुस्तक का विमोचन

फर्रुखाबाद। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में चल रही दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय की उपप्राचार्य डाॅ. जाॅली सक्सेना एवं रस शास्त्र विभाग के रीडर डाॅ. शिवओम दीक्षित की पुस्तक स्नेहकल्पम का विमोचन विदेशी आयुर्वेदाचार्यों ने किया। डाॅ. अनीता रंजन ने कहा कि रस शास्त्र के बीएएमएस एवं एमडी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी।

[ad_2]

Source link