नई दवा बेटाकुलीन के द्वारा एमडीआर मरीज का इलाज हुआ शुरू

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पीलीभीत:आज जिला पीलीभीत एवं जिला क्षय रोग केंद्र भारत सरकार के सपने 2025 में टीबी मुक्त भारत की ओर एक कदम और आगे बढ़ गया, आज जिला क्षय रोग केंद्र पीलीभीत के द्वारा एमडीआर मरीज के लिए भारत सरकार के द्वारा भेजी गई नई दवा बेटाकुलीन के द्वारा एमडीआर मरीज का इलाज शुरू किया गया, टीबी के लिए जो नई दवा बेटाकुलीन आई है, आज उसका विधिवत शुभारंभ जिले के टीबी वार्ड में भर्ती मरीज को जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक कुमार और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ विजय कुमार तिवारी एवं महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ अनीता चौरसिया और जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ रमाकांत सागर एवं कार्यवाहक जिला क्षय रोग अधिकारी (एसीएमओ) डॉ हरिदत्त नेमी जी के द्वारा मरीज को अपने हाथों से दवा देकर शुभारंभ किया गया । इस नई दवा के आने से अब किसी भी टीबी के मरीज को इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा अब सारे टीबी के मरीज को ओरल ट्रीटमेंट के द्वारा ही इलाज किया जाएगा, जिससे अब लंबे समय तक इंजेक्शन के दर्द से आराम मिल जाएगा और टीबी पर विजय प्राप्त करने में भी यह दवा कारगर सिद्ध हो रही है, इस दवा की कीमत लगभग लाखों में है जो अब जिला क्षय रोग केंद्र के द्वारा टीबी के मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी । भारत सरकार 2025 में देश को टीबी से मुक्त करने की ओर अग्रसर है, उसी की कड़ी में इस दवा को पूरे भारत में लॉन्च किया गया है, उसी क्रम में आज से जिला पीलीभीत टीबी के एमडीआर मरीज जो ला इलाज टीबी भी कहलाती है, उनको इस दवा के द्वारा सही किया जाएगा। यह दवा छह माह तक लगातार दी जाएगी और इस दवा के साथ और भी एमडीआर की दवा भी उसको 9 से 11 महीने तक लगातार दी जाती रहेंगी। इस मौके पर जिला छय रोग केंद्र के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राजेश कुमार गंगवार , सीनियर सुपरवाइजर शेर सिंह चौहान, और टीबी/एचआईवी सुपरवाइजर गोविंदराम भी उपस्थित रहे।

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